पानी की कमी का पहला संकेत अक्सर प्यास नहीं होती। आम तौर पर ध्यान भटकना, हल्का सिरदर्द और दोपहर की सुस्ती पहले महसूस होती है। जब प्यास लगती है, तब तक शरीर में थोड़ी कमी बन चुकी होती है।

एक आसान फ़ॉर्मूला

सामान्य गतिविधि में वज़न (किलोग्राम) को 30 से 35 मिलीलीटर से गुणा कीजिए। 60 किलो के व्यक्ति के लिए यह लगभग 1.8 से 2.1 लीटर बनता है। 40 मिनट से ज़्यादा के तेज़ व्यायाम या गर्मी में हर घंटे 400 से 600 मिलीलीटर और जोड़िए।

थोड़ा-थोड़ा पीना ज़्यादा असरदार है

कुल मात्रा को छह से आठ बार में 200 से 300 मिलीलीटर के हिस्सों में बाँटिए। इससे अवशोषण समान रहता है और गुर्दों पर दबाव नहीं पड़ता। हिस्सों को तय समय से बाँधिए: उठने के बाद, सुबह दो बार, दोपहर के खाने के आसपास एक बार, दोपहर बाद दो बार, रात में थोड़ा।

कैसे पता चले कि पर्याप्त है

सबसे आसान संकेत पेशाब का रंग है: हल्का पीला या साफ़ मतलब पर्याप्त पानी, गहरा पीला मतलब पानी पीजिए। दूसरा तरीका समय है — अगर एक गिलास पानी के 20 मिनट के भीतर दोपहर की थकान हल्की हो जाए, तो उसमें पानी की कमी का हिस्सा था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चाय और कॉफ़ी भी गिनी जाएँगी?

हाँ। इनका पेशाब बढ़ाने वाला असर बहुत बढ़ा-चढ़ा कर बताया जाता है; सामान्य मात्रा का ज़्यादातर हिस्सा पानी की गिनती में आता है। बस नींद के समय के आसपास कैफ़ीन का ध्यान रखिए।

ज़्यादा पानी पीना नुकसानदेह है?

कम समय में बहुत ज़्यादा पानी पीने से ख़ून में सोडियम पतला हो सकता है। ज़्यादा पसीना आने के बाद थोड़ा-थोड़ा पीजिए और इलेक्ट्रोलाइट भी लीजिए।